Tuesday, January 28, 2020

रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति के मामले में लंदन में उनका सहयोगी गिरफ़्तार - प्रेस रिव्यू

लंदन में सम्पत्ति ख़रीदने के मामले में रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने इस सिलसिले में रॉबर्ट वाड्रा के सहयोगी सीसी थंपी को गिरफ्तार किया है.


प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि थंपी सवालों के जवाब देने में टाल-मटोल कर रहे थे. प्रवर्तन निदेशालय थंपी के ख़िलाफ़ फेमा उल्लंघन और हवाला के कई मामलों की जांच कर रही है.



इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नजीब जंग ने कहा, ''मुझे लगता है कि नागरिकता संशोधन क़ानून में सुधार करने की ज़रूरत है. इसमें या तो मुसलमानों को शामिल किया जाए या बाकी धर्मों के नाम भी हटा दें.''


जामिया के वाइस-चांसलर रहे नजीब जंग ने सवाल किया कि केंद्र सरकार विरोध प्रदर्शन करने वालों से बात क्यों नहीं कर रही है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने उस समय भी प्रदर्शनकारियों से बात की थी जब अन्ना हज़ारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन जारी था.

नजीब जंग ने अपने संबोधन के बीच में संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी और अपनी बात का समापन भारत के राष्ट्रगान के साथ किया.


दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक, शिरोमणि अकाली दल ने विधानसभा चुनाव में भाजपा से ख़ुद को अलग करने का फ़ैसला किया है.

शिरोमणि अकाली दल नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) पर भाजपा से सहमत नहीं है.

अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ऐलान किया कि पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा, ''बीजेपी के साथ बैठक के दौरान संशोधित नागरिकता क़ानून के हमारे रुख़ पर पुनर्विचार करने को कहा गया. लेकिन हमने मना कर दिया.''

विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली में पार्टी का रुख़ वही है, जो सुखबीर सिंह बादल का है और इस हिसाब से सभी धर्मों को सीएए में शामिल करना चाहिए.



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